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A journey of self-realization… as a extension of मैं कौन हूँ?

English translation follows Hindi…

 

मंद-मंद बहता पवन हूँ
मंद-मंद सुगन्धित उपवन हूँ
मैं माटी की सौंधी खुश्बू हूँ
इस ब्रह्माण्ड का अलौकिक जादू हूँ

अंजाना सा एक स्पर्श हूँ मैं
हृदयांतर का अद्भुत हर्ष हूँ मैं
अदृश्य मूक श्रोता हूँ मैं
अनकहे शब्दों का वक्ता हूँ मैं

बारिश में छिपी अश्रुधार हूँ मैं
अधूरा अव्यक्त प्यार हूँ मैं
सूखे फूलों की महक हूँ मैं
कैद पक्षी की चहक हूँ मैं

नन्हे शिशु की मुस्कान हूँ मैं
स्वच्छंद पक्षी की उड़ान हूँ मैं
एक अथक-निरंतर प्रयास हूँ मैं
धावक की अंतिम श्वास हूँ मैं

मैं असीम अपरिमित अशेष उल्लास
मैं अनंत अचल सनातन आस
मदमस्त होकर नाचने वाला मैं पागलपन
निश्चिन्त निर्विघ्न निर्विकार बचपन

मैं कभी लघु तो कभी विराट
मैं कभी भिक्षुक तो कभी सम्राट
मैं हूँ कठोर, मैं हूँ कोमल
मैं ही श्वेत, मैं ही श्यामल

मैं वीरों की ख्याति हूँ
मैं अग्नि हूँ, मैं ज्वाला हूँ
मैं माता की ममता हूँ
मैं प्रेम प्रसंग निराला हूँ

मैं वह ललाट हूँ जिसपर सूरज ने स्वयं तिलक किया है
मैं वह कंठ हूँ जिसने स्वयं अमृत-सुधा पिया है
श्रावण की पावन वृष्टि का मैं एक जल-बिंदु हूँ
पर अवतरित हो धरती पर, मैं असीम एक सिंधु हूँ

मैं ही श्रुति, हैं ही स्मृति
मैं ही रचना, मैं ही कृति
मैं समष्टियों का वृहत समाहार
मैं ही श्रृष्टि, स्थिति और संहार

मैं उस निराकार का स्वरुप अपार
मैं नर से नारायण का साक्षात्कार
मेरा पिंड ब्रम्हांड का दर्पण
मेरा सर्वस्व प्रभु तुझको अर्पण

शून्य ही मेरी जननी है, शून्य ही मेरा परम ध्येय
शून्य से शून्य के इस पथ का मैं पथिक, मैं अज्ञेय

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Seamlessly flowing mild breeze

A subtly fragrant beautiful garden

I am the fragrance of the wet soil

I am the divine magic of this world

 

A seemingly unknown touch

A strange delight in heart’s core

An utterly silent spectator am I

An Orator of unsaid words am I

 

I am a tear hidden in rain

I am an incomplete, unexpressed love

I am the aroma of a flower withered away

I am the call of a bird trapped in a cage

 

The smile of a new-born

The flight of a free bird

The never-ending, unfailing trial I am

The very last breath of a sprinter I am

 

The unbounded, infinite, unending joy I am

The steady, unaltered, never-dying hope I am

I am the crazily dancing, uncaring madness

I am the carefree, limitless, unstoppable childhood

 

I am the small and the big

I am the beggar and the king

I am the stiff and the soft

I am the dark and the bright

 

I am the pride of the valliant

I am the fire of the flame

I am the love of the mother

I am the love of the love-story

 

I am the one blessed by the sun

I am the one who has drunk the divine wine

I am the tiny drop of the rain

I am the giant sea that does not refrain

 

I am the first scripture of the world

I am the creative and the creation

I am the collection of all collections

I am the creation, preservation and the end

 

I am the form of the formless

Conjunction of the man with the god

I am the mirror of the entire universe

And hence O lord! Everything mine is yours

 

Void is my creator, void is my goal

And in this journey from void to void, I am the traveller, the un-knowable…

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I tried to the best of my ability to translate, but admittedly the translation is not as polished as it should be… Any reader is welcome to give suggestions for improvement…

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